कमला नेहरू स्कूल की 4 अक्टूबर को सम्पन्न अल्युमनाई पुनर्मिलन (Alumni Reunion)...
"पचास-साठ के पार हुए पर, दिल बचपन में खोया है..." जिंदगी की आपाधापी, जिम्मेदारियों का बोझ और ढलती उम्र के पन्नों के बीच अक्सर हम अपने उस बचपन को कहीं पीछे छोड़ आते हैं, जहाँ केवल बेफिक्र मुस्कान...
View Articleभूले-बिसरे कमला नेहरू के दिनों को याद करने का दिन आया है
यादों के उसी पुराने आँगन में, फिर से खो जाने का दिन आया है...पचास-साठ के पार हुए पर, दिल बचपन में खोया है,भूले-बिसरे कमला नेहरू के दिनों को याद करने का दिन आया है!हाँ, यादों के उसी पुराने आँगन में, फिर...
View Articleछोटा सा तन हिया हिमालय लाल बहादुर लाल का | शास्त्री जी पर एक कविता |
...छोटी काया दूर गांव था पैदल आते-जाते थे।सावन-भादौ नदी पार कर प्रतिदिन पढ़ने जाते थे।।भारी बस्ता, हालत खस्ता, पग में छाले पड़ जाते थे।खुद पानी में सिर पर बस्ता नदी पार कर जाते थे।।संघर्षों से रहा...
View Articleउत्तराखंडी श्राद्ध थाली: जानिए पितृ पक्ष में तोरई की सब्जी और पारंपरिक...
पहाड़ की खुशबू और संस्कार: भोपाल में महकती हमारी उत्तराखंडी श्राद्ध परंपरा मिट्टी भले ही छूट जाए, पर उसकी सौंधी खुशबू और संस्कार कभी नहीं छूटते। महानगरों की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर यह सवाल उठता है...
View Articleहिंदी साहित्य की ऐतिहासिक घटना: 'अ से ज्ञ तक'मुहावरों के काव्यात्मक प्रयोग पर...
'हिंदी भाषा की आत्मा को सहेजने का अभिनव प्रयोग'— मुहावरा कविता संग्रह की अधिकारिक भूमिका"हिंदी भाषा की आत्मा को सहेजने वाला एक ऐतिहासिक और अभिनव काव्यात्मक प्रयोग!" जब लेखक ने इस पुस्तक की...
View Articleगूँजा जैसे ही 'जयकारा', टूटा शिव का चाप, धमक उठे तब परशुराम जी, तजकर अपना ताप
रामलीला का वो आँगन, वो बचपन की यादें,सीता-स्वयंवर देखने की, मन की वो मुरादें।गूँजा जैसे ही 'जयकारा', टूटा शिव का चाप,धमक उठे तब परशुराम जी, तजकर अपना ताप।लक्ष्मण बोले व्यंग्य में, सुनिए मुनि गोसाईं,ऐसे...
View Articleबुलेवर्ड स्ट्रीट (अटल पथ) की एक शाम । सामयिक व्यंग्य
कोरोना काल में भय से हम अपने ही घरों में किसी बंद दड़बे की भाँति दुबके रहे। लेकिन जैसे ही मौसम का मिज़ाज कुछ खुशनुमा हुआ, तो सुबह-शाम टहलने की दिनचर्या पुनः पटरी पर आ गई।रोज़ की तरह एक शाम जब मैं...
View Articleगूगल स्तुति : गूगल की महिमा पर विशेष हिंदी कविता। Google Baba
सबके प्यारे, ज्ञान के सागर, गूगल बाबा। सारे जग से न्यारे, सुख के गागर, गूगल बाबा।भटके को राह दिखाते तुम, अंधियारा दूर भगाते तुम, वसुधैव कुटुंबकम का पावन, पाठ हमें पढ़ाते तुम।पल-पल की तुम खबर रखते, सबकी...
View Articleगया धाम (बिहार) में श्राद्ध व पिंडदान का सर्वोपरि महत्व | Pitru Paksha 2026
आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से शुरू होकर शारदीय नवरात्रि की शुरुआत तक चलने वाला समय 'पितृपक्ष'कहलाता है। यह पखवाड़ा हमारे दिवंगत पूर्वजों (पितरों) के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और आदर प्रकट करने का पावन...
View Articleभोपाल की कविता रावत ने बनाया विश्व रिकॉर्ड: जानिए 12.8 फीट ऊँची लौंग तुलसी...
भोपाल की पर्यावरण प्रेमी कविता रावत ने 12.8 फीट (12 फीट 8 इंच) ऊँची लौंग तुलसी (Ocimum gratissimum) उगाकर 'इंडिया स्टार वर्ल्ड रिकॉर्ड'में नाम दर्ज कराया है। जानिए लौंग तुलसी के फायदे, देखभाल और विश्व...
View Articleज़िंदगी बीत गई अपनों को अपना करते | Heart Touching Hindi Ghazal
हँस भी लेते हैं दर्द अपना भुलाने के लिए,वरना रखा क्या है इस मतलबी ज़माने में।झूठ का शहर है और काँच की दीवारें हैं,आग लग जाती है अक्सर सच छुपाने में।भीड़ तो नाम को अपनों की बहुत है लेकिन,कान तरस जाते...
View Articleजय गणेश जय जय जगवंदन, गिरिजा-सुत बाल गजानन | Ganesh Chaturthi Bhajan
जय गणेश जय जय जगवंदन, गिरिजा-सुत बाल गजानन।भाद्र शुक्ल की तृतीया-चतुर्थी, प्रकट भए हर-गिरिजा नंदन॥जय गणेश जय जय जगवंदन...त्रेतायुग में सिंधु दैत्य ने, तीनों लोक कँपाए।बंदी किए देव-गण सारे, धर्म-कर्म...
View Articleतुमको भजते त्रिलोकी नाथ, हे नाथों के नाथm गणपति वंदना
तुमको भजते त्रिलोक के नाथ, तुम नाथों के भी हो नाथनिर्विघ्न करना सदा मेरे सब काज हे विघ्नराज गणराजनिर्विघ्न करना सदा मेरे सब काजत्रिपुरासुर जीतने शिव ने, बलि को छल से बाँधने विष्णु ने, जगत् रचना रचने...
View Articleपुस्तक लोकार्पण: "अ से ज्ञ तक मुहावरों की बगिया"— हिंदी के समृद्ध मुहावरों का...
क्या आप हिंदी भाषा की असली मिठास, उसकी गहराई और सुंदरता से जुड़ना चाहते हैं?हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि हमारी नई पुस्तक "अ से ज्ञ तक मुहावरों की बगिया"अब प्रकाशित हो चुकी है और बिक्री...
View Articleबगीचे में मटकती 'नाचण'चिड़िया! | White-browed Fantail Bird In Garden
नाचण रानी थिरक थिरक,नाचे देखो फुदक फुदकआँगन में आई एक नन्ही जानपंखों का पंखा है इसकी पहचानमिट्टी के ईंटों पर करती ये सैररुकते नहीं इसके चंचल से पैरभूरी सी पीठ और सफेद हैं भौहेंहर हरकत कोई जादू जगाएंहवा...
View Articleभूले-बिसरे दिनों को याद करने का दिन आया है! School Reunion Song
पचास साठ के पार मगर दिल बचपन में खोया है,भूले-बिसरे दिनों को याद करने का दिन आया है!हाँ, भूले-बिसरे दिनों को याद करने का दिन आया है...बस्ता उठाकर चलना, वो होमवर्क से डरना,दोस्तों के साथ मिलकर वो शैतानी...
View Articleयाद आता है वो बचपन का स्कूल प्यारा-प्यारा | Kasturba School Reunion गीत | 2...
याद आता है वो बचपन का स्कूल प्यारा-प्यारा,चंद कदमों पे था कस्तूरबा का आँगन हमारा।सोंधी मिट्टी की खुशबू, तितलियों की चंचल चाल,कहाँ छूटे वो बेफिक्र दिन, कहाँ गए वो बेमिसाल साल!,याद आता है वो बचपन का...
View Articleराष्ट्र निर्माता और संस्कृति संरक्षक होता है शिक्षक
शिक्षक को राष्ट्र का निर्माता और उसकी संस्कृति का संरक्षक माना जाता है। वे शिक्षा द्वारा छात्र-छात्राओं को सुसंस्कृतवान बनाकर उनके अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर देश को श्रेष्ठ नागरिक प्रदान करने में...
View Articleशिक्षक : ज्ञान दीप जो जलाते हैं
ज्ञान दीप जो जलाते हैं,जीवन पथ दिखलाते हैं।कठिन विषय भी सहज बनाकर,बुद्धि को चमकाते हैं।,हर दिन देते अभ्यास नया,उत्तर भी जांच दिखाते हैं।सही दिशा में बढ़ने पर,हौसला खूब बढ़ाते हैं।परीक्षा जब पास आती...
View Articleश्री कृष्ण जन्माष्टमी Shri Krishna Janmashtami
मान्यता है कि त्रेता युग में 'मधु'नामक दैत्य ने यमुना के दक्षिण किनारे पर एक शहर ‘मधुपुरी‘ बसाया। यह मधुपुरी द्वापर युग में शूरसेन देश की राजधानी थी। जहाँ अन्धक, वृष्णि, यादव तथा भोज आदि सात वंशों ने...
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